सही में पाकिस्तान के बनने की बुनावट-बनावट को उर्दू के बिना समझना संभव नहीं!
आखिर पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली को दरकिनार करके उर्दू के नाम पर हुई ज्यादती का नतीजा ही तो बांग्लादेश के रूप में सामने आया। वह बात दीगर है कि पाकिस्तान में उर्दू जुबां बोलने वाले दहाई प्रतिशत से भी कमतर है।
वैसे कल्हण के कश्मीर में कश्मीरी शारदा लिपि में लिखी जाती थी।