अगर हम अपने से ही ईमानदार न हो तो फिर लिखकर झूठा करने का क्या फायदा?
सिर्फ कागद कारे करने से तो मानसिक और भौतिक प्रदूषण को भी बढ़ावा देंगे न आखिर?
इससे तो बेहतर है कि न लिखे?
कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...