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Friday, September 16, 2016

हिन्दू_आस्था की परंपरा से पूजा पाठ तक_Hindu



अपने हिन्दू होने में संकोच कैसा ?

परिवार में जन्म से मिली आस्था की परंपरा से लेकर पूजा पाठ तक, सहज स्वीकारा है।


चित्र: 16 वीं सदी के मंदिर में बांसुरी वाले कृष्ण की प्रतिमा (हम्पी, कर्नाटक)

Thursday, August 18, 2016

Hindu festival_हिंदु_उत्सव_त्यौहार



हिंदुओं के जातीय उत्सव व त्यौहार खाली हंसी-दिल्लगी करने के लिए नहीं बनाए गए हैं वरन् उनमें ऐसे विशेष नियम भी रखे गए हैं, जिनसे स्वास्थ्य की रक्षा, जातीय भाव की उन्नति और धर्म में प्रवृत्ति भी बराबर होती रहे।

-पंडित माधवप्रसाद मिश्र

Wednesday, June 22, 2016

Hindu_Vivekanand_हिंदु_स्वामी विवेकानंद

मैं समझता हूँ, इसका उद्देश्य सभी को अपनाना है, किसी का तिरस्कार करना नहीं। मैं कट्टरता वाली निष्ठा भी चाहता हूँ और भौतिकतावादियों का उदार भाव भी चाहता हूँ। हमें ऐसे ही हृदय की आवश्यकता है जो समुद्र सा गंभीर और आकाश सा उदार हो। हमें संसार की किसी भी उन्नत जाति की तरह उन्नतिशील होना चाहिए और साथ ही अपनी परम्पराओं के प्रति वहीं श्रद्धा तथा कट्टरता रखनी चाहिए, जो केवल हिंदुओं में ही आ सकती है।

-स्वामी विवेकानंद



Monday, March 31, 2014

Hindu Year-चैत्र शुक्ल प्रतिपदा


सृष्टि में अंगार युग के बाद धरती ठंडी हुई तो प्राणयुग का अस्तित्व आया और उसके साथ-साथ विधाता द्वारा सृष्टि चक्र का प्रवर्तन हुआ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को और उसी पवित्र काल के अष्टम दिवस को देवी का आविर्भाव हुआ था। वह था उसका अरूप निराकार अवतरण पोषक परमा प्रकृति के रूप में।
परन्तु प्रवाद है कि कालांतर में देवी का दूसरा सगुण अवतरण, हैमवती उमा के रूप में, हिमाचल के गृह इसी नवरात्रि की अष्टमी को हुआ था और उसके जन्म के उल्लास में हम घर-घर घट स्थापित करके देवी की नवमी पूजा करते हैं।
-कुबेरनाथ राय

Tuesday, February 5, 2013

Lohia:Hindu Muslim relationship_हिन्दू-मुसलमान_राममनोहर लोहिया

स्वतंत्र भारत में भी हिन्दू-मुसलमानों में पृथक्-भावना बनी रही है। मुझे शक है कि विभाजन-पूर्व के मुकाबले आज यह पृथक्-भाव अधिक है। पृथक्-भावना ने ही विभाजन को जन्म दिया और इसलिए अपने आप यह भावना पूरी तरह नहीं मिट सकी। परिणाम में ही कारण भी घुलमिल गया। आजादी के इन वर्षों में मुसलमानों को हिन्दुओं के निकट लाने का न कोई प्रयत्न किया गया न उनकी आत्मा से पृथकता का बीज समाप्त करने का ही प्रयत्न किया गया।


(भारत विभाजन के गुनहगार: राममनोहर लोहिया)

First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान

कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...