पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने हिना रब्बानी खार ने हाल में एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया कि "पाकिस्तानी बच्चों को घृणा के माहौल ने सही सोचने के नाकाबिल बनाया गया। हमारी बतौर किसी से नफरत करने वाले मुल्क की पहचान ने हिंदुस्तान के साथ दुश्मनी पैदा की है।"
यह तो जगजाहिर बात है पर मेरे मन में लाख टके का सवाल यह उठा कि हिंदुस्तान में ऐसे कौन-सी बात है कि कुछ लोग पाकिस्तान से ज्यादा हिंदुस्तान से नफरत करते हैं या सीधा कहूँ तो हिंदुस्तान से ज्यादा पाकिस्तान से प्यार करते हैं। ऐसी समझदार लोगों की जमात में देह से नहीं "बुद्धि से जीविका" कमाने वाले अधिक हैं।