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Monday, January 28, 2019

Nature_Sri Aurobindo_महर्षि अरविन्द_प्रकृति






पश्चिम का नारा है कि “प्रकृति के अनुसार जीना चाहिए".
लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि कौन सी प्रकृति?
शरीर की प्रकृति या शरीर से इतर पायी जाने वाली प्रकृति?
हमें पहले इस बात को निर्धारित करना चाहिए!


-महर्षि अरविन्द

Tuesday, April 15, 2014

Westernized Intellectuals of India (पश्चिम अभिमुखता)



भारत के कथित सांस्कृतिक ठेकेदार आज भी अपने पूर्व यूरोपीय उपनिवेशवादी गौरांग महाप्रभुओं की स्वीकृति के लिए पश्चिम की ओर मुँह ताकते हैं. 

आखिर क्यों न हो, उनके लिए आज भी सूर्य पश्चिम से ही उगता है ! 

First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान

कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...