मथुरा के शहीद एसपी मुकुल द्विवेदी के नाम मीडिया की पाती की प्रतीक्षा है! आशा है महजब-जाति-सेकुलर सोच के नाम पर बैरंग नहीं लौटेगी! बस स्वजातीय होने के नाम पर पाती लिखने वाला आलोचना से घबरा गया तो अलग बात है। वैसे अब मुआवजे की राशि भी सेकुलर न होकर राजनीति में जाति-महजब की जरूरत या मजबूरी के सच को खुले में आम कर देती है।