Showing posts with label आल्हा-उदल. Show all posts
Showing posts with label आल्हा-उदल. Show all posts

Tuesday, June 24, 2014

aalha udal (आल्हा-उदल)




आधुनिक उत्तर प्रदेश स्थित कालिंजर के चन्देल राजा परमार्दिदेव (परमाल ११६५-१२०३ ईस्वी) के आश्रयी (भाट) कवि जगनिक ने परमाल के सहायक और महोबा के सामंत बंधु आल्हा और ऊदल के नाम पर "आल्हखण्ड" रचा 
इसे जन-साधारण में 'आल्हा' नाम से इतनी प्रसिद्धि मिली कि लोकमानस में "आल्हा-ऊदल" दोनों भाई सदा के लिए अमर हो गये। इस मूल काव्य की प्रति के अप्राप्त होने के बावजूद आज भी यह लोकमानस की स्मृति में कायम है।

First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान

कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...