लेखक का 'लिखा' पढ़ने वाले स्वयं 'लेखक' को कहाँ पढ़ पाते हैं?
हरिवंश राय बच्चन ने अपनी आत्मकथा में विलियम बटलर यीट्स के कथन को आधार बनाकर लिखा है कि रचने वाले और भोगने वाले में जितना अंतर होगा, कृति उतनी कालजयी होगी।
पर हम लिखे हुए में लिखने वाले को खोजते हैं और लेखक में लेखन को!