Saturday, December 2, 2017
Arrival of Rail in Delhi_दिल्ली में रेल आने की कहानी
इस प्रस्ताव पर पहली बार वर्ष 1852 में विचार किया गया था। देश की 1857 की पहली आजादी की लड़ाई के बाद अंग्रेजी भारत सरकार ने रेलवे लाइन के दिल्ली की बजाय मेरठ से निकलने का सुझाव दिया। इससे ब्रिटेन और दिल्ली में निराशा का माहौल बना। अंग्रेज दिल्ली में रेलवे के पक्ष में इस वजह से नहीं थे क्योंकि वे दिल्लीवालों को आजादी के पहले आंदोलन में भाग लेने की सजा देना चाहते थे।
ऐसा इसलिए भी था क्योंकि मूल निर्णय न केवल दिल्ली के सैन्य और राजनीतिक महत्व बल्कि पंजाब जाने वाली दूसरी रेलवे लाइन से भी संबंधित था। ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी के अंग्रेज़ निदेशकों ने इसका विरोध किया, लेकिन तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी का मानना था कि यह रेलवे लाइन पूरी तरह से एक शाही और राजनीतिक महत्व वाली रेललाइन है जो कि एक व्यापारिक रेलवे लाइन से अलग है।
Wednesday, November 29, 2017
Sunday, November 26, 2017
पद्मिनी का तो बहाना है_Anti Hindu vemon on the name of padmani
न्यूज़ वेबसाइट स्क्रॉल से "पद्मिनी" पर जेएनयू से इतिहास में पीएचडी कर रही रुचिरा शर्मा के लेख को स्वेच्छा से हटा दिया है, जिसमें रुचिरा ने एक दूसरे राजपूत राजा को "पद्मिनी" के जौहर का कारण बताया था.
वैसे एक पक्षीय इतिहास बताता यह कोई पहला लेख नहीं है, एक दूसरे लेख में अपने चाचा-ससुर को मार कर गद्दी पर काबिज अलाउद्दीन खिलजी को "रियाया का सुल्तान" बताने वाली लेखिका यह बात छिपा जाती है कि अलाउद्दीन खिलजी ने ही इस्लामी कानून के नाम पर जजिया देने में असमर्थ हिन्दू प्रजा को बाज़ार में गुलाम के रूप बेचने को सबसे पहली बार 'मान्यता' प्रदान की थी. बाकि मालिक काफूर से खिलजी के संबंध के लिए गूगल सर्च पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है, उसके चरित्र को जानने के लिए.
वैसे जवाहर लाल नेहरु ने भी "भारत एक खोज में" राघव चेतन की खिलजी से दक्षिणा के लालच में मंथरा की भूमिका निभाने की बात का उल्लेख किया है, जिसने मेवाड़ से निर्वासित होने के बाद दिल्ली दरबार में जाकर काम-पिपासु खिलजी को पद्मिनी का सौन्दर्य बताकर चित्तौड़ पर आक्रमण के लिए उकसाया था.
Subscribe to:
Posts (Atom)
First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान
कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...


