Saturday, September 26, 2020

Najwa Zebian_Pain_नजवा जेबिनयन_दुख की कामना


 



उनके लिए कभी दुख की कामना न करो। तुम ऐसी परपीड़ा की इच्छा रखने वाले नहीं हो। अगर उन्होंने तुम्हें दुख दिया है तो अवश्य उनके भीतर दुख का वास होगा। उनके लिए दुख से मुक्ति की प्रार्थना करो। उन्हें इसकी ही सर्वाधिक आवश्यकता है।


-नजवा जेबिनयन, लेबनानी लेखिका

Thursday, September 24, 2020

Coward and Lazy persons are risky_Sardar Patel_Mahatma Gandhi_letter_कायर और ढीले आदमी_सरदार वल्लभभाई पटेल_महात्मा गांधी


 


कायर और ढीले आदमी समझदार हों तो भी मुझे उनसे प्रेम नहीं होता, क्योंकि वे मंझधार में नाव डूबानेवाले होते हैं।

-सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी को 29 अक्तूबर 1933 को लिखे एक पत्र में



हम गुलाम इसलिए बने थे कि हम आपस में एक दूसरे के साथ लड़े, खतरे के समय हम लोगों ने एक दूसरे का साथ नहीं दिया था। हम छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर बैठ गए और अपने-अपने संकुचित क्षेत्रों में, अपने स्वार्थों में पड़ गए। अपने संकुचित क्षेत्र में भले ही हमने कुछ सेवा भी की हो, लेकिन उससे हमको नुकसान ही हुआ और जब समय आया तो हम एक साथ खड़े न रह सके। 

-सरदार पटेल, जयपुर में संयुक्त राजस्थान का उद्घाटन के समय

Monday, September 21, 2020

Sardar Patel_Maniben Patel_Letters_सरदार वल्लभभाई पटेल_मणिबेन पटेल_पत्र


 


शारीरिक रोग की तुलना में मानसिक कष्ट कहीं अधिक विनाशकारी है। शारीरिक पीड़ा के लिए औषधि है, लेकिन मानसिक रोग के लिए कोई औषधि नहीं है। इसके लिए, कोई कुछ नहीं कर सकता। ईश्वर की इच्छा अनुसार ही घटनाएं होती हैं। यहां तक कि उसकी मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता। 

-सरदार वल्लभभाई पटेल अहमदनगर किले के कारागार से अपनी बेटी मणिबेन को 16 मार्च, 1944 को लिखे एक पत्र में


Mental agony is much more disastrous than a physical ailment. For physical pain there is medicine, but there is no remedy for the mental ailment. So nobody can do anything about it. Whatever God wishes happens. Even a leaf won’t move without his wish.

-Sardar Vallabhbhai Patel to his daughter Maniben in a letter dated March 16, 1944, from Ahmednagar Fort prison

First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान

कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...