Tuesday, June 14, 2016

Sardar Patel_Newspapar_सरदार पटेल-समाचार पत्र




जिस समाचार पत्र का जन्म स्वतंत्र भारत में होता है, उसे जन्म से ही तंदुरुस्त होना चाहिए। गुलामी की हालत में भारत को मुक्त करने का जो समय था, उस समय समाचार पत्र का जो धर्म था और उसे जो कार्य था, उसमें और आज के समय में और धर्म में जमीन-आसमान का फर्क है। एक जिम्मेदार पत्रकार की कलम जनता पर जबरदस्त असर डाल सकती है। जितना जनता की भलाई के लिए डाल सकती है, उतना बुराई के लिए भी डाल सकती है। 

-सरदार वल्लभभाई पटेल, 

(आज का धर्म, 11 अगस्त 1948)

सरदार श्री के विशिष्ट  और अनोखे पत्र-1 पुस्तक से 

No comments:

First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान

कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...