Tuesday, July 23, 2013

The capital of culture-Amjad Ali Khan



सन् 1957 में जब मैं पहली बार अपने पिता और गुरु हाफिज अली खान के साथ दिल्ली रहने के लिए आया था तो आज की तुलना में जनसंख्या कमतर थी । उन दिनों पुरानी दिल्ली में ट्राम चला करती थी और प्रमुख पड़ावों में चांदनी चौक, घन्टा घर और जामा मस्जिद हुआ करते थे. मैं अपने पिता के साथ नमाज पढ़ने के लिए खासकर शुक्रवार के दिन जामा मस्जिद जाता था । 
मध्य प्रदेश से आने के कारण मैं लाल किला, पुराना किला, कुतुब मीनार, तीन मूर्ति भवन और निश्चित रूप से राष्ट्रपति भवन जैसे कई ऐतिहासिक स्मारकों से मंत्रमुग्ध था.
-अमजद अली खान


When I first came to Delhi to live with my father and guru, Haafiz Ali Khan, in 1957, the population was sparse, compared with today. In those days trams traversed Old Delhi, and among the noteworthy destinations were Chandni Chowk, Ghanta Ghar and Jama Masjid. I used to visit Jama Masjid with my father, especially on Fridays, for namaaz.

Coming from Madhya Pradesh, I was blown away by the many historical monuments like the Red Fort, Purana Qila, Qutub Minar, Teen Murti Bhavan and, of course, Rashtrapati Bhavan.

-Amjad Ali Khan 

No comments:

First Indian Bicycle Lock_Godrej_1962_याद आया स्वदेशी साइकिल लाॅक_नलिन चौहान

कोविद-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ा है। इस महामारी ने आवागमन के बुनियादी ढांचे को लेकर भी नए सिरे ...